कुरुक्षेत्र में शिल्प और सरस के मेले में भारतीय कला और शिल्प का वैभव देखने को मिलेगा। यहां हर कारीगर की कृति में बसी है भारत की समृद्ध संस्कृति और उसका गौरव।
यह मेले में कला की लहरें गूंजती रहेंगी, और आपको मिलेगा भारतीय शिल्प और हस्तशिल्प का अद्वितीय अनुभव।
आइए, इस अनोखे अनुभव का हिस्सा बनें और भारतीय कला के शाश्वत सौंदर्य को महसूस करें।
शिल्प एवं सरस मेला – प्रकृति, कला, और भक्ति का अद्भुत संगम!
यह महोत्सव महर्षि कृष्ण के दिव्य संदेश को साकार करता है, और जीवन को सही मार्ग दिखाने का अद्भुत अवसर प्रदान करता है।
इस महोत्सव में भारतीय संस्कृति, शिल्पकला और भक्ति का अनमोल संगम देखने को मिलेगा। आइए, इस दिव्य अनुभव का हिस्सा बनें और अपनी आत्मा को शांति और प्रेरणा से भरें।
आधुनिकता और पारंपरिक कला का अद्भुत संगम, “सरस मेला 2024” में महिलाओं की कला की विशेष प्रदर्शनी प्रस्तुत की जा रही है। यहां पर हर महिला कारीगर की मेहनत और सृजनात्मकता का सम्मान किया जा रहा है, जो भारतीय कला और संस्कृति की अनमोल धरोहर को जीवित रखती हैं।
महिलाओं द्वारा बनाई गई विविध शिल्प कृतियां, हस्तशिल्प, सजावटी वस्त्र, और शाही कृतियाँ इस मेले की खासियत हैं। यह मेला न केवल कला प्रेमियों के लिए एक अद्भुत अनुभव है, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक भी है।
आइए, इस शानदार उत्सव का हिस्सा बनें और महिला कारीगरों की कला का अनोखा संगम देखें!
राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय ने ब्रह्मसरोवर के पावन स्थल पर मंत्रोच्चारण और शंखनाद के बीच सांयकालीन महाआरती का शुभारंभ किया। इस महाआरती के दौरान ब्रह्मसरोवर का वातावरण भक्ति रस से सराबोर हो गया।
इस कार्यक्रम में राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय के साथ कई प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया, जिनमें विधायक अशोक अरोड़ा, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, महंत बंसीपुरी महाराज, और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा शामिल थे।
इस अवसर पर, केडीबी द्वारा प्रसिद्ध कलाकारों ने भजनों के जरिए भक्ति का माहौल तैयार किया, और पंडित बलराम गौतम सहित अन्य पंडितों ने आरती और मंत्रोच्चारण किया।
राज्यपाल ने कहा कि यह आरती केवल भक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि पर्यावरण की शुद्धता, सामाजिक-सांस्कृतिक समन्वय और वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्वच्छता के महत्व पर भी जोर देते हुए सभी को एकजुट होकर इस महोत्सव को और सुंदर बनाने की अपील की।
आइए हम सब मिलकर इस महोत्सव को स्वच्छ और समृद्ध बनाने में अपना योगदान दें!
केबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की गीता रन को हरी झंडी देकर किया रवाना, महिला वर्ग में सोनिका और पुरुष वर्ग में रवि बिजना ने जीती गीता रन, गीता रन में सम्मानित किया 4 अंतर्राष्टï्रीय व भीम अवार्डियों को, महिला व पुरुष वर्ग के पहले 10 स्थानों पर आने वाले खिलाडिय़ों को किया सम्मानित
हरियाणा के सामाजिक, न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि गीता उपदेश स्थली कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर भगवान श्री कृष्ण ने अवतार के रुप में आकर पूरे विश्व को पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश दिए। इन उपदेशों के माध्यम से ही पूरे विश्व को शांति पथ पर चलने का संदेश मिला है। इस पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को जीवन में धारण करके हर समस्या का समाधान संभव हो सकता है। इन्ही तमाम पहलुओं को जहन में रखकर पूरी मानवता को गीता उपदेशों के प्रति जागरूक करने के लिए ही कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव जैसे कार्यक्रमों का आयोजन सरकार की तरफ से बड़े स्तर पर किया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी वीरवार को ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड व जिला खेल विभाग के संयुक्त तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2024 पर आयोजित गीता रन कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी पुरुष वर्ग की 10 किलोमीटर और महिला वर्ग की 5 किलोमीटर दौड़ को हरी झंडी देकर रवाना किया। इसके उपरांत केबिनेट मंत्री ने पुरुष और महिला वर्ग में पहले 10 स्थानों पर आने वाले खिलाडिय़ों को सम्मानित किया। केबिनेट मंत्री ने दोनों वर्गों में प्रथम स्थान पर आने वाले खिलाड़ी को 31 हजार रुपए, द्वितीय को 21 हजार रुपए, तृतीय को 11 हजार रुपए और अगले 7 स्थानों पर रहने वाले खिलाडिय़ों को 2100-2100 रुपए की नगद राशि देकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में ही अंतर्राष्ट्रीय खिलाडिय़ों को भी सम्मान दिया गया।